एटा। विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कार्यालय में तैनात जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की घटना सामने आई। पीड़ित कर्मचारी का आरोप है कि निलंबित ग्राम पंचायत सचिव अपने कुछ साथियों के साथ कार्यालय में घुस आया और मारपीट करने के साथ कार्यालय में तोड़फोड़ की। घटना के बाद आक्रोशित कर्मचारी कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।

पीड़ित अनुज कुमार शाक्य, जो जिला पंचायत राज कार्यालय में डीपीएम के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि वह रोज की तरह कार्यालय में अपने कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान निलंबित ग्राम पंचायत सचिव रजनीश कुमार यादव कथित रूप से आधा दर्जन नकाबपोश लोगों के साथ कार्यालय में पहुंचा। आरोप है कि सभी ने कार्यालय में तोड़फोड़ की और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। पीड़ित का यह भी आरोप है कि हमलावर उनकी सोने की चेन भी छीन ले गए। घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया गया, जिसके बाद सभी आरोपी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार, करीब एक माह पूर्व जिला पंचायत राज अधिकारी राजकुमार मौर्य द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कराए गए विकास कार्यों की जांच में अनियमितताएं मिलने पर ग्राम पंचायत सचिव रजनीश कुमार यादव को निलंबित किया गया था। मामले की उच्चस्तरीय जांच अभी जारी है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर सचिव ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।

घटना के बाद जिला पंचायत राज कार्यालय के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई।

पुलिस का पक्ष: घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर साक्ष्यों की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।