फ्रिज के नीचे छिपी थी इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा, रेस्क्यू के दौरान लगातार फुफकारती रही और उपकरण पर कई बार किया हमला
एटा। अलीगंज क्षेत्र के ग्राम कैल्ठा स्थित जनता महाविद्यालय में मंगलवार देर रात करीब 5 फीट लंबी जहरीली नागिन दिखाई देने से परिसर में हड़कंप मच गया। सांप को देखते ही कॉलेज परिसर में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लगभग आधे घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद नागिन को सुरक्षित पकड़ लिया।
वन विभाग के कर्मी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान नागिन फ्रिज के नीचे छिपी हुई मिली, जिससे उसे बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। प्रशिक्षित टीम ने पूरी सावधानी के साथ अभियान शुरू किया। जैसे ही उसे बाहर निकालने का प्रयास किया गया, नागिन बेहद आक्रामक हो गई। उसने कई बार फन फैलाकर जोरदार फुफकार भरी और रेस्क्यू में इस्तेमाल किए जा रहे स्नेक पिन पर लगातार हमला किया। इस दौरान उसने कई बार भागने का भी प्रयास किया, लेकिन टीम ने धैर्य और सतर्कता से उसे सुरक्षित काबू में कर लिया।
वन विभाग के अनुसार पकड़ी गई नागिन इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा (Indian Spectacled Cobra) प्रजाति की थी, जिसे भारत के सबसे विषैले सांपों में गिना जाता है। समय रहते रेस्क्यू कर लिए जाने से किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना नहीं हुई।
संजय कुमार और धर्मेंद्र प्रजापति ने निभाई अहम भूमिका
रेस्क्यू अभियान में वन विभाग की टीम के संजय कुमार और धर्मेंद्र प्रजापति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों ने पूरी पेशेवर दक्षता और सतर्कता के साथ नागिन को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ा और बाद में उसे अलीगंज के आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया, ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास में रह सके।
रेस्क्यू का वीडियो भी आया सामने
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नागिन का आक्रामक व्यवहार स्पष्ट दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह फन फैलाकर लगातार फुफकारती नजर आती है और रेस्क्यू टीम के उपकरण पर कई बार हमला करती दिखाई देती है। इसके बावजूद वन विभाग की टीम ने संयम बनाए रखा और सफलतापूर्वक रेस्क्यू अभियान पूरा किया।
वन विभाग की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि घर, विद्यालय, खेत या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या स्वयं पकड़ने का प्रयास करें। तत्काल वन विभाग या संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम सुरक्षित तरीके से सांप को पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ सके। इससे मानव जीवन की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण भी सुनिश्चित होता है।

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