एटा। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर शनिवार को 48 वर्षीय महिला ने कथित रूप से विषाक्त पदार्थ खा लिया। विषाक्त पदार्थ का सेवन करने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। घटना से कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर महिला को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

दूसरे पति से विवाद के बाद उठाया कदम

मैनपुरी जनपद के तिबलपुर निवासी रामा देवी का आरोप है कि करीब 10 वर्ष पहले पति से विवाद के बाद वह अपने चार बच्चों को छोड़कर राजेश के संपर्क में आई थी। महिला के मुताबिक राजेश कलेक्ट्रेट के एडीएम कार्यालय में तैनात है। दोनों करीब 10 वर्षों तक साथ रहे और महिला के अनुसार दोनों ने शादी भी की थी। पिछले करीब एक वर्ष से दोनों के बीच विवाद चल रहा था और करीब दो माह से राजेश उससे अलग रह रहा था।

महिला का आरोप है कि राजेश ने उससे आर्थिक मदद के नाम पर रुपये लिए और मकान बनाने के लिए जमा रकम तथा गहने भी ले लिए। महिला ने बताया कि उसने मामले को लेकर कई जगह शिकायत की, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला।

कलेक्ट्रेट पहुंचकर भी नहीं मिली राहत

महिला ने आरोप लगाया कि वह राजेश से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंची थी। उसके अनुसार वहां उसे मोबाइल दिलाने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में सिम भी निकाल लिया गया। महिला ने कहा कि पुराने परिवार और बच्चों को छोड़ने के बाद अब वह खुद को अकेला महसूस कर रही है।

रामा देवी ने आरोप लगाया कि राजेश ने करीब 10 वर्ष पहले उसे शादी का भरोसा देकर अपने साथ रखा था। महिला के अनुसार इस मामले को लेकर न्यायालय में प्रकरण भी चल रहा है।

बाबू पर आर्थिक और शारीरिक शोषण का आरोप

महिला ने एडीएम कार्यालय में तैनात राजेश पुत्र जयचंद्र निवासी निधौली रोड पर आर्थिक और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि पति से विवाद के दौरान राजेश उसकी मदद करता था और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

हालांकि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। महिला के बयान, पूर्व शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।