एटा। अयोध्या में साथी लेखपाल के खिलाफ एंटी करप्शन टीम की ट्रैप कार्रवाई के विरोध में शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अलीगंज तहसील में धरना शुरू कर दिया। तहसीलदार कार्यालय के बाहर सुबह करीब 10 बजे से जुटे लेखपालों ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग
लेखपाल संघ के एटा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि 20 अगस्त को अयोध्या में उनके साथी लेखपाल के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की गई थी। संघ का कहना है कि मामले की पूरी वास्तविकता सामने आए बिना कार्रवाई किए जाने से लेखपालों में रोष है। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी को केवल आरोप के आधार पर दोषी मानना उचित नहीं है।
उन्होंने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की मांग की, ताकि कार्रवाई से पहले और बाद की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले में आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे
धरने के दौरान लेखपालों ने ट्रैप कार्रवाई की प्रक्रिया की समीक्षा किए जाने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और गलती साबित होने पर ही साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए।
संघ के अनुसार शनिवार को एक दिवसीय धरना दिया जा रहा है। शाम करीब चार बजे मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अलीगंज एसडीएम को सौंपा जाएगा। ज्ञापन में अयोध्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच और लेखपालों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की प्रक्रिया पर रोक लगाने समेत अन्य मांगें रखी जाएंगी।
प्रदेश कार्यकारिणी तय करेगी आगे की रणनीति
जिलाध्यक्ष ने बताया कि आगे आंदोलन की दिशा प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश के बाद तय की जाएगी। धरने में तहसील अध्यक्ष शिव वीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष रमन सक्सेना, कोषाध्यक्ष प्रियांशु वर्मा समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे। महिला लेखपाल दीक्षा यादव, अलका कुमारी, शालिनी और साक्षी ने भी धरने में सहभागिता की।
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