
एटा। शासकीय विभागों में क्रय-विक्रय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक दिवसीय गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) कार्यशाला आयोजित की गई। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों, लेखाकारों एवं संबंधित अधिकारियों को जेम पोर्टल के संचालन और सरकारी खरीद प्रक्रिया का विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में दिल्ली से आए मुख्य प्रशिक्षक विवेक मौर्य ने प्रतिभागियों को जेम पोर्टल पर पंजीकरण, उत्पाद चयन, निविदा प्रक्रिया, ऑनलाइन खरीद, भुगतान तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की चरणबद्ध जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में शुरू किए गए जेम पोर्टल का उद्देश्य सरकारी खरीद प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और दक्ष बनाना है।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कहा कि जेम पोर्टल के माध्यम से शासकीय खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। यह पोर्टल सभी विक्रेताओं को समान अवसर उपलब्ध कराता है तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को भी सरकारी खरीद में भागीदारी का बेहतर अवसर देता है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी व्यवस्था के कारण विभागों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उचित और प्रतिस्पर्धी दरों पर प्राप्त होती है, जिससे सरकारी धन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होता है।
उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि शासन के प्रावधानों के अनुरूप शासकीय क्रय-विक्रय की समस्त प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से ही नियमानुसार संपन्न कराई जाए, ताकि खरीद प्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सके।
कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, परियोजना निदेशक सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, उपनिदेशक कृषि सुमित कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र अर्चना कुमारी सहित जनपद के सभी विभागाध्यक्ष, लेखाकार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply