धम्म सेवा संघ ने एसडीएम न्यायिक के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, जनसेवा और लोकतंत्र के लिए संघर्ष को बताया प्रेरणादायी
एटा। जनपद एटा के पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ जनसेवक स्वर्गीय डॉ. महादीपक सिंह शाक्य को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग को लेकर धम्म सेवा संघ ने आवाज उठाई है। संघ के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी न्यायिक रविंद्र सिंह के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर डॉ. शाक्य के योगदान का उचित मूल्यांकन किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि डॉ. महादीपक सिंह शाक्य का पूरा जीवन जनसेवा, राष्ट्रभक्ति, त्याग, संघर्ष, विद्वत्ता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने एटा जनपद की जनता के लिए लंबे समय तक कार्य किया और सामाजिक समानता, भाईचारे तथा जनजागरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संघ के अनुसार डॉ. शाक्य का जन्म 25 जुलाई 1922 को एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर सार्वजनिक जीवन में विशिष्ट स्थान बनाया। उन्होंने स्वाध्याय के माध्यम से पांच भाषाओं का ज्ञान अर्जित किया था।
ज्ञापन में बताया गया कि डॉ. शाक्य ने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और जनजागरण के लिए संघर्ष करते हुए आपातकाल के दौरान उन्हें डीआईआर एवं मीसा के तहत करीब दो वर्ष जेल में भी रहना पड़ा।
धम्म सेवा संघ ने उनके राष्ट्रप्रेम से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान वह पाकिस्तान सीमा के निकट झेलम नदी के किनारे स्थित नौगांव चौकी पहुंचे और वहां तिरंगा फहराया था। संघ ने इसे उनके साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया।
पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. शाक्य करीब 98 वर्ष की आयु तक समाज के बीच सक्रिय रहे। 10 नवंबर 2020 को उनका निधन हो गया। उनके सार्वजनिक जीवन, जनसेवा, लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से डॉ. महादीपक सिंह शाक्य के संपूर्ण जीवन एवं योगदान का मूल्यांकन कर उन्हें भारत रत्न प्रदान किए जाने की मांग की गई। इस दौरान लोकपाल सिंह, अभिषेक, हर्ष, रोहित शाक्य, पूर्व प्रधान पहाड़पुर सहित धम्म सेवा संघ के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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