ग्राम पंचायतों के अभिलेख सोशल ऑडिट टीम को उपलब्ध कराने पर हुई चर्चा, ग्रामीणों के बीच होगी खुली बैठक

एटा। विकासखंड अलीगंज के सभागार में मंगलवार को सोशल ऑडिट एंट्री कॉन्फ्रेंस की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा सहित ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान ग्राम पंचायतों से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख सोशल ऑडिट टीम को उपलब्ध कराने के निर्देशों और प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में खंड विकास अधिकारी शिव शंकर शर्मा और जिला ऑडिट कोऑर्डिनेटर सुदर्शन देव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने सोशल ऑडिट की प्रक्रिया, उसके उद्देश्य और ग्रामीण स्तर पर इसकी उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि सोशल ऑडिट के माध्यम से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आती है और सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

ग्रामीणों के साथ होगी खुली बैठक

खंड विकास अधिकारी शिव शंकर शर्मा ने बताया कि सोशल ऑडिट की प्रक्रिया के तहत ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थान पर ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में मनरेगा मजदूरों की समस्याओं को सुना जाएगा और उनके द्वारा बताए गए बिंदुओं की जानकारी दर्ज की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों और योजनाओं से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। इसके साथ ही छूटे हुए आवासों को चिन्हित करने तथा सोशल ऑडिट के माध्यम से योजनाओं में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाना सोशल ऑडिट का प्रमुख उद्देश्य है।

रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी

जिला ऑडिट कोऑर्डिनेटर सुदर्शन देव ने सोशल ऑडिट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऑडिट के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं और कार्यों से संबंधित अभिलेखों की जांच के साथ ही जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति भी देखी जाएगी। सोशल ऑडिट के बाद तैयार रिपोर्ट को निदेशालय भेजा जाएगा, जिससे सामने आने वाले मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

बैठक में एपीओ अमर दीप तिवारी, लेखाकार अनुपम मिश्रा, शाहिद अली, नारायण तिवारी सहित समस्त रोजगार सेवक और ब्लॉक कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सोशल ऑडिट की प्रक्रिया को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पूरा कराने पर जोर दिया।