एटा। 102 इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा ने एक बार फिर अपनी त्वरित और जीवनरक्षक सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। जनपद एटा में अस्पताल ले जाते समय रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ने पर 102 एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। EMT की सूझबूझ, क्लिनिकल दक्षता और त्वरित निर्णय के चलते माँ और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

जानकारी के अनुसार, निधौली कलां ब्लॉक के ग्राम नगला दली निवासी 27 वर्षीय गर्भवती प्रियंका, पत्नी अवनीश, को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 102 इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा पर कॉल कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस संख्या UP32MN5788 मौके पर पहुंची। एम्बुलेंस पर तैनात EMT प्रेमकिशोर और पायलट सुमित ने महिला का प्राथमिक परीक्षण कर उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिलुआ के लिए रवाना किया।

रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा अचानक अत्यधिक बढ़ गई। हालात ऐसे हो गए कि अस्पताल तक सुरक्षित पहुंच पाना संभव नहीं था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए EMT प्रेमकिशोर ने तुरंत निर्णय लेते हुए पायलट सुमित से एम्बुलेंस को सुरक्षित स्थान पर रुकवाया और एम्बुलेंस के भीतर ही प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी मैनेजमेंट शुरू कर दिया।

EMT प्रेमकिशोर ने संक्रमण नियंत्रण संबंधी सभी प्रोटोकॉल और एसेप्टिक तकनीकों का पूरी तरह पालन करते हुए अपनी पेशेवर दक्षता का परिचय दिया और एम्बुलेंस के अंदर ही सुरक्षित सामान्य (वजाइनल) प्रसव सफलतापूर्वक कराया। प्रसव के तुरंत बाद माँ और नवजात की आवश्यक पोस्ट-नेटल देखभाल भी की गई।

इसके बाद दोनों को सुरक्षित रूप से PHC पिलुआ में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद माँ और नवजात दोनों को पूरी तरह स्वस्थ और क्लिनिकली स्थिर बताया।

इस सफल इमरजेंसी डिलीवरी के बाद मरीज के परिजनों ने 102 एम्बुलेंस टीम का आभार व्यक्त किया। वहीं चिकित्सकों ने भी EMT प्रेमकिशोर और पायलट सुमित की त्वरित प्रतिक्रिया, कुशल कार्यशैली और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि समय पर लिए गए निर्णय ने जच्चा और बच्चा दोनों की जान सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई।

102 इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ और त्वरित आपातकालीन सेवाएं कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती हैं।