एटा। जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में अनियमितता और गरीबों के खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विकासखंड अवागढ़ की ग्राम पंचायत सिलामई के उचित दर विक्रेता धनीराम के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत थाना जलेसर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार, उचित दर विक्रेता के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच पूर्ति निरीक्षक प्रियम पाण्डेय द्वारा की गई। जांच में सरकारी खाद्यान्न के वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान दुकान पर उपलब्ध गेहूं, चावल और बाजरा के स्टॉक का अभिलेखों से मिलान किया गया, जिसमें भारी विसंगतियां पाई गईं। निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मौके पर उपलब्ध नहीं मिला तथा वितरण रजिस्टर और स्टॉक रजिस्टर में भी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक वस्तुओं के वितरण एवं नियंत्रण आदेश-2016 के प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर पूर्ति निरीक्षक ने थाना जलेसर में राशन विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने स्पष्ट कहा कि गरीब और पात्र लाभार्थियों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी राशन विक्रेता या संबंधित व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए नियमित निरीक्षण और सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि कोई भी उचित दर विक्रेता कालाबाजारी, खाद्यान्न के दुरुपयोग या अन्य अनियमितताओं में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की गड़बड़ी, कालाबाजारी या अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि शिकायत की समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
Leave a Reply