एटा। जनपद एटा में वर्ष 2020 में नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में माननीय एक्सक्लूसिव पॉक्सो न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर 54,500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना, मॉनिटरिंग सेल की निगरानी और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप आया।
पुलिस के अनुसार, 18 नवंबर 2020 को कोतवाली अलीगंज में दर्ज कराई गई शिकायत में वादी ने आरोप लगाया था कि 16 नवंबर 2020 को उसकी नाबालिग पुत्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया तथा उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के आधार पर कोतवाली अलीगंज में मु.अ.सं. 395/2020 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 376DA, 342, 323, 504, 506, पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) में मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित कर आकाश पुत्र हरिशंकर तथा अनिल उर्फ मंगली पुत्र शिवकुमार, निवासी नगला साबा, थाना अलीगंज, जनपद एटा के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर 6 जनवरी 2021 को न्यायालय में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन शाखा ने प्रभावी पैरवी की। इसके परिणामस्वरूप 5 अगस्त 2026 को एक्सक्लूसिव पॉक्सो न्यायालय, एटा ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 54,500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत गंभीर अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी पैरवी कर दोषियों को कठोर सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
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