हजारों वर्ष प्राचीन डांडा शिव मंदिर पहुंचे भाजपा विधायक, गुरु पूर्णिमा पर संतों का लिया आशीर्वाद, पर्यटन विभाग के जीर्णोद्धार कार्यों का किया निरीक्षण

एटा। गुरु पूर्णिमा एवं महर्षि वेदव्यास जयंती के अवसर पर क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इसी क्रम में अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक ठाकुर सत्यपाल सिंह ने डांडा स्थित हजारों वर्ष प्राचीन शिव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन-पूजन किए तथा मंदिर परिसर में विराजमान संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।

विधायक ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा कराए गए जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से शेष कार्यों को भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें गर्मी से राहत के लिए वाटर कूलर, विशाल हाल, बैठने के लिए सीमेंटेड बेंच, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग सुलभ शौचालय, कूलर एवं पंखों की व्यवस्था, सरोवर का परिक्रमा मार्ग, सुगम आवागमन के लिए पक्के रास्ते तथा सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन सुविधाओं से अब दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिल रही है।

निरीक्षण के दौरान विधायक ठाकुर सत्यपाल सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु वेदव्यास की जयंती मना रही है। इसी अवसर पर वे प्राचीन डांडा शिव मंदिर में दर्शन-पूजन एवं संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री के निर्देशन में पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया है, जिससे यह प्राचीन धरोहर और अधिक आकर्षक एवं सुविधायुक्त बनी है।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग के अधिकारियों से वार्ता की गई है तथा मंदिर परिसर में जो कार्य अभी शेष हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक ने कहा कि सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिले।