
जलेसर, सदर और अलीगंज तहसीलों में अधिकारियों ने सुनीं शिकायतें, शेष मामलों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
एटा। 15 अगस्त को राजकीय अवकाश होने के कारण इस बार संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन सोमवार को जनपद की तीनों तहसीलों में किया गया। जलेसर, सदर और अलीगंज तहसीलों में पहुंचे फरियादियों की अधिकारियों ने गंभीरता से समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का स्थलीय परीक्षण कर समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
तहसील जलेसर में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। यहां कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया।
वहीं तहसील सदर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। सदर तहसील में कुल 10 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर फरियादियों को तत्काल राहत पहुंचाई गई।
इसी प्रकार तहसील अलीगंज में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व चंद्र प्रकाश पाठक ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। अलीगंज तहसील में कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया।
शेष शिकायतों के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश
तीनों तहसीलों में प्राप्त कुल 28 शिकायतों में से 6 का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजा गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का केवल कागजी निस्तारण न किया जाए, बल्कि आवश्यकतानुसार मौके पर जाकर स्थलीय जांच की जाए और शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से किया जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरण में की गई कार्रवाई और निस्तारण की स्थिति से भी अवगत कराने को कहा गया।
आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर
संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को एक ही स्थान पर सुनकर उनका प्रभावी और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रशासन की इस व्यवस्था के तहत तहसील स्तर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतें सुनी जाती हैं, जिससे संबंधित विभागों तक समस्याओं को तत्काल पहुंचाकर उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
Leave a Reply