एटा। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा के दौरान एटा में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने श्रद्धालुओं और राहगीरों का दिल जीत लिया। आगरा जनपद के एत्मादपुर क्षेत्र के गांव मदरा (डा. नगला सबल) निवासी वृद्ध गोदन सिंह की शिवधाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने की वर्षों पुरानी इच्छा को उनके चार पुत्रों ने अपने कंधों पर उठाकर साकार कर दिया।

रतीभानपुर से भैसूली होते हुए जलेसर मार्ग पर भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी अरविन्द सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इला मारन की नजर विशेष रूप से तैयार की गई कांवड़ पर पड़ी। इस कांवड़ में वृद्ध गोदन सिंह विराजमान थे, जबकि उनके चारों पुत्र जयप्रकाश, किशन, टिंकू और बंटी बारी-बारी से कांवड़ को अपने कंधों पर उठाकर शिव मंदिर की ओर बढ़ रहे थे।

यह भावुक दृश्य देखकर डीएम और एसएसपी ने अपना काफिला रुकवाया और परिवार से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने चारों भाइयों की सेवा-भावना, समर्पण और संस्कारों की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में माता-पिता के प्रति ऐसा समर्पण बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होंने चारों भाइयों को “आधुनिक युग का श्रवण कुमार” बताते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा ही सच्चे अर्थों में ईश्वर की सेवा है। भारतीय संस्कृति में माता-पिता का स्थान सर्वोच्च है और उनकी सेवा करना प्रत्येक संतान का सबसे बड़ा धर्म है।

वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इला मारन ने कहा कि चारों भाइयों का यह कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने उनके सुरक्षित एवं मंगलमय कांवड़ यात्रा की कामना करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं तथा माता-पिता के सम्मान का संदेश देते हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान यह अनोखा दृश्य श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। लोगों ने चारों भाइयों की सेवा-भावना की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, पारिवारिक संस्कार और मातृ-पितृ भक्ति का जीवंत उदाहरण बताया।