एटा। जनपद में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में धरातल पर उतारने के लिए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने वन एवं विद्युत विभाग से संबंधित अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) और यूटिलिटी शिफ्टिंग के लंबित मामलों की समीक्षा की। बुधवार को कैंप कार्यालय पर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में डीएम ने अधिकारियों को प्रभावी समन्वय स्थापित कर सभी लंबित स्वीकृतियां जल्द प्राप्त करने के निर्देश दिए।

बैठक में विशेष रूप से शिकोहाबाद रोड (निधौली खुर्द)-सकीट रोड (सरदलगढ़)-पुरा हरिपुर कलां होते हुए एनएच-34 तक प्रस्तावित बाईपास के नव निर्माण में आ रही वन एवं विद्युत विभाग से संबंधित औपचारिकताओं की समीक्षा की गई। इस दौरान विद्युत यूटिलिटी शिफ्टिंग तथा निर्माण कार्य के दायरे में आने वाले वृक्षों के पातन से संबंधित आवश्यक स्वीकृतियों एवं एनओसी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं को केवल विभागीय पत्राचार तक सीमित न रखा जाए। लंबित मामलों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्रवाई करें और आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र प्राप्त कराएं।

उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में उच्चाधिकारियों अथवा शासन स्तर से अनुमति आवश्यक है, उनमें संबंधित अधिकारी अपने विभागीय उच्चाधिकारियों एवं लखनऊ स्थित शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क स्थापित कर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी महत्वपूर्ण परियोजना में अनावश्यक देरी न हो।

डीएम ने कहा कि जनपद की विकास परियोजनाएं जन आकांक्षाओं और लोकहित से सीधे जुड़ी हुई हैं। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय एवं साझा प्रयासों के साथ कार्य करते हुए एनओसी, भूमि, विद्युत, वन एवं अन्य विभागीय औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराएं।

उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं में आने वाली प्रत्येक बाधा को चिन्हित कर उसके समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए, जिससे निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो सके और आमजन को समय से उसका लाभ मिल सके।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनीटरिंग करने और प्रगति से लगातार अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर शासन स्तर पर भी प्रभावी पैरवी की जाए। विकास कार्यों की गति बनाए रखने में विभागीय समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग एटा विपिन वर्मा, अधीक्षण अभियंता विद्युत सुभाष चंद्र, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी ललित अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।