एटा। जनपद में संचालित महत्वपूर्ण एवं बड़ी परियोजनाओं के सुचारु संचालन तथा आमजन को उनका पूर्ण लाभ सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने बुधवार को ग्राम मानपुर स्थित नगर पालिका परिषद एटा द्वारा संचालित 24 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की विभिन्न इकाइयों का गहनता से जायजा लेते हुए सीवेज शोधन प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्थाओं और शोधित जल की गुणवत्ता की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रकार की महत्वपूर्ण परियोजनाएं निर्धारित क्षमता के अनुरूप पूरी दक्षता और निरंतरता के साथ संचालित की जाएं। प्लांट के संचालन में किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी, लापरवाही अथवा व्यवधान न हो तथा सभी आवश्यक तकनीकी इकाइयों की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जल निगम (नगरीय) के अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि अमृत कार्यक्रम के तहत एटा शहर की सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तीन चरणों में योजनाएं संचालित की गई हैं। इसी परियोजना के अंतर्गत ग्राम मानपुर में 24 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार एसटीपी आधुनिक एसबीआर (Sequencing Batch Reactor) तकनीक पर आधारित है। वर्तमान में सीवर गृह संयोजनों एवं नाला टैपिंग के माध्यम से प्राप्त लगभग 18 एमएलडी यानी 180 लाख लीटर प्रतिदिन सीवेज का शोधन किया जा रहा है। शोधन के बाद शोधित जल को नाले के माध्यम से ईशन नदी में प्रवाहित किया जाता है।

डीएम अरविन्द सिंह ने शोधित जल की गुणवत्ता से संबंधित प्रयोगशाला जांच का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि शोधन प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रयोगशाला जांच को प्रभावी ढंग से जारी रखते हुए निर्धारित गुणवत्ता मानकों का हर हाल में अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

किसानों को स्लज के उपयोग के प्रति किया जाए जागरूक

जिलाधिकारी ने शोधन प्रक्रिया के बाद निकलने वाले अपशिष्ट एवं स्लज के समुचित उपयोग की जानकारी भी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों के बीच व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया एवं आवश्यक सावधानियों के साथ इस अपशिष्ट के जैविक खाद के रूप में उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए। इसके लिए डीपीआरओ, कृषि विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के माध्यम से किसानों को आवश्यक जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

डीएम ने कहा कि सीवरेज जैसी आधारभूत परियोजनाएं सीधे तौर पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य से जुड़ी हैं। इसलिए इनका संचालन धरातल पर पूर्ण क्षमता और प्रभावशीलता के साथ दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को प्लांट की कार्यप्रणाली पर सतत निगरानी रखने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बताया गया कि परियोजना के सभी कार्य पूर्ण कर नगर पालिका परिषद एटा को हस्तांतरित किए जा चुके हैं और वर्तमान में प्लांट के संचालन एवं रखरखाव का कार्य नगर पालिका परिषद द्वारा कराया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान जल निगम (नगरीय) के अधिशासी अभियंता सैयद तारिक अली सहित जल निगम एवं संबंधित विभागों का स्टाफ मौजूद रहा।