एटा। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) के अंतर्गत जनपद एटा में 5 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक 15 दिवसीय परिवार संतृप्तीकरण विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में जिला मिशन प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। अभियान का उद्देश्य पात्र परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।

जारी निर्देशों के अनुसार, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में वर्ष 2011-12 से अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक लगभग 10.10 लाख स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिनसे करीब 1.19 करोड़ परिवार जुड़े हैं। प्रदेश की लगभग 24 करोड़ आबादी को देखते हुए शासन ने 3 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

योजनाओं के लाभार्थियों को बनाया जाएगा अभियान का हिस्सा

अभियान के दौरान राशन कार्ड धारक, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, विधवा पेंशन, जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) सहित अन्य सरकारी योजनाओं के पात्र परिवारों की महिलाओं को चिन्हित कर स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। इससे महिलाओं को बैंकिंग सेवाएं, प्रशिक्षण, स्वरोजगार, आजीविका संवर्धन तथा सामुदायिक सशक्तिकरण जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

जनजागरूकता पर रहेगा विशेष जोर

अभियान के तहत जनपद, विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार, जागरूकता रैली, गोष्ठियां तथा सोशल मीडिया अभियान चलाए जाएंगे। महिलाओं को समूहों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। इस प्रचार-प्रसार का व्यय आईईसी मद से किया जाएगा।

विभिन्न अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

अभियान को सफल बनाने के लिए जिला मिशन प्रबंधक, ब्लॉक मिशन प्रबंधक, ग्राम संगठन, स्वयं सहायता समूह, समूह सखी, स्वास्थ्य सखी, आजीविका सखी, आईसीआरपी, पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। प्रत्येक विकासखंड में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पात्र परिवारों की महिलाओं को समूहों से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।

डिजिटल माध्यम से होगी निगरानी

निर्देशों के अनुसार अभियान की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी। ब्लॉक स्तर पर परिवारों के संतृप्तीकरण की स्थिति दर्ज की जाएगी तथा उपलब्धियों की नियमित रिपोर्ट जिला स्तर पर भेजी जाएगी। शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

ब्लॉकवार लक्ष्य भी किए गए निर्धारित

एटा जिले 118244 महिलाएं जोड़ी जाएगी। ब्लॉक अलीगंज 21305, अवागढ़ 9086, जैथरा 15768, जलेसर 11447, मारहरा 7261, निधौलीकलां 15205, सकीट 16041 और शीतलपुर 22132 में महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जाएगा। विकासखंडों के लिए राशन कार्ड धारकों के आधार पर स्वयं सहायता समूहों से जोड़े जाने वाले परिवारों का ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिन विकासखंडों में लक्ष्य की प्रगति कम है, वहां अभियान के दौरान विशेष प्रयास किए जाएंगे।

वहीं इस संबध में डीसी एनआरएलएम विकल कुमार ने पंचायत सचिव और ब्लॉक मिशन प्रबंधक को विकासखंड अलीगंज में बैठक कर दिशा निर्देश देते हुए बताया कि इस 15 दिवसीय विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना, आर्थिक रूप से सक्षम बनाना तथा ग्रामीण आजीविका मिशन को और अधिक प्रभावी बनाना है।